जिला विधिक सेवा प्राधिकार गया के तत्वाधान में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
आशीष कुमार
गौतम बुद्ध महिला कॉलेज गया में किया गया इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्रिंसिपल प्रोफेसर जावेद अशरफ एवं कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापिका डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शी ने किया। इस विधिक जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व पैनल अधिवक्ता कुमारी सुमन सिंह ने विधिक सहायता विषय पर किया।पैनल अधिवक्ता ने बताया विधिक सहायता का उद्देश्य निर्धन और कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराना, प्रत्येक व्यक्ति को उसके बचाव के लिए विधि-विशेषज्ञ या वकील की सेवाएँ उपलब्ध कराना, ऐसे (Remuneration) की व्यवस्था करना, स्वैच्छिक संगठनों (Volunatary 0rganisations) को विधिक सहायता के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें अनुदान (Grant) देना,कारावास की सजा से दण्डित व्यक्तियों को निर्णय की कापी मुफ्त देना। जेल में बंदी व्यक्तियों के मामलों की अपीलें आदि उचित न्यायालयों में पेश करने की व्यवस्था करना आदि।आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले भर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राधिकार सचिव सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू सिंह के दिशा निर्देश में पैनल लॉयर, पीएलवी, लॉ स्टूडेंट, आंगनवाड़ी सदस्य, आशा वर्कर के नेतृत्व में विधिक जागरूकता और डोर टू डोर प्रोग्राम किया जा रहा है।।पैन इंडिया अवेयरनेस कैम्पेन के तहत आज +2 काशमी हाई स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गया के बैनर तले बच्चों के बीच रंगोली बनाओ प्रतियोगिता रखी गयी और विजेता छात्रों को सम्मानित किया गया।।जागरूकता कार्यक्रम के तहत आज शेरघाटी ब्लॉक के रामपुर पंचायत के नवादा गांव में पैनल लॉयर उषा कुमारी और पीएलवी अरुण कुमार के नेतृत्व में विक्टिम कम्पनसेसन स्किम 2014 विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर पैनल अधिवक्ता ने बताया कि एक एसा स्कीम है जिस के तहत पीड़ित प्रतिकर योजना Victim Compensation Scheme Section 357 लागु होता है और इस CRPC के तहत भारत में पीड़ित व्यक्तियों को मुआवज़ा देने का प्रावधान रखा गया है Victim Compensation Act के बारे में भारत के सभी नागरिकों को जानकारी होना चाहिए केन्द्र सरकार ने सेंट्रल विक्टिम कंपनसेशन योजना बनाइ जिस के तहत पीड़ित व्यक्तियों को उसके क्षति को देखते हुए मुआवज़ा का रक़म फ़िक्स किया गया है।यौन शोषण :(धारा 376 IPC ) के तहत 3 लाख रुपये का मुआवज़ाएसीड अटैक: 3 लाख रुपयेनाबालिग के साथ शरीरिक शोषन: 2 लाख रुपयेमानव तस्करी:1 लाख रुपयेDeath:2 लाख रुपयेस्थायी तौर पर विकलांगता होने पर:2 लाखप्रजनन क्षमता का क्षति होने पर: 1.5 लाख रुपये पारा विधिक स्वयंसेवक ने रामपुर पंचायत के नवादा, वर्मा, थमनबीघा, बालीडीह गांवों में जाकर आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चलाये जा रहे विधिक जागरूकता का प्रसार प्रचार किया और 11 दिसम्बर को लगने वाले आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में आमजनों को जागरूक किया।
