हरिपुर महमदिया में मोहर्रम पर्व बना सद्भावना का प्रतीक, हिंदू भाई गाते है झरणी गीत ।
तनवीर आलम (हसनगंज)
हसनगंज प्रखंड के जगगरनाथपुर पंचायत स्थित हरिपुर महमदिया गांव में श्रद्धा पूर्वक हिंदू समाज परिवार के लोग पूरी शिद्दत से मोहर्रम का पर्व मनाते हैं। जो एक दिन पूर्व से ही इमामबाड़ा की साफ सफाई एवं रंग रोगन कर हर लोगों में पूरी इबादत से मोहर्रम पर्व में अपने-अपने परिवारों के साथ इकट्ठा होकर स्व छेदी साह के मजार इमामबाड़ा में लिसान खड़ा कर चारो ओर केला के पेड़ रोप कर करते है। मुस्लिम रीति रिवाज के साथ फातेहा कराते है। बजाते है ढोल और गाते है झरणी गीत। यह परंपरा पिछले कई वर्षों से गांव में कायम है। यहां के हिंदू समाज के परिवार इमाम हुसैन की सदाओं में डूबी है। इमामबाड़ा के चारो ओर घूम-घूम कर गाते है झरणी। स्थानीय लोग शंकर लाल साह, राजू साह, बिकास साह, जय प्रकाश साह, रीना देवी, शंकर यादव, वार्ड सदस्य बबलू महलदार, दीपक कुमार साह आदि ने कहा कि गांव में करीब सौ वर्ष पूर्व से स्वर्ग छेदी साह के मजार पर मुहर्रम के मौके पर मुस्लिम रीति रिवाज से पर्व मनाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने इसकी शुरुआत किया था। उसके बाद से हम लोग निष्ठा पूर्वक मोहर्रम पर्व मनाते आ रहे हैं, जो आने वाले पीढ़ी एवं समाज में सद्भाव श्रद्धा बना रहे। बताया गया कि हरिपुर महमदिया गाँव मे हिंदू समाज के लोग बसें है। इस गांव के पांच किलोमीटर के बाद मुस्लिम गावों है। इस दौरान पूर्व प्रमुख मनोज कुमार मंडल, मुखिया प्रतिनिधि हृदय नारायण उरांव, पूर्व वार्ड सदस्य अब्दुल वाहिद ने कहा कि यह मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारा और श्रद्धा का प्रतीक है। इस त्यौहार के माध्यम से आने वाले पीढ़ी के लिए बड़ी संदेश है। गांव के लोगों द्वारा इस पर्व के मौके पर लाठी खेलते हैं और इमाम हुसैन का जयकारे भी लगाते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के परिवार के द्वारा विधि विधान के साथ मनाया जाता है। यह परंपरा प्रखंड व जिला के लिए एक मिसाल संदेश है। इसी क्रम में हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में शांति पूर्ण माहौल में मोहर्रम का पर्व मनाया जा रहा है।
