बाहिन नदी पर पुल नहीं बनने से बिहार-बंगाल के लोगों में आक्रोश, वर्षों से नाव के सहारे आवागमन
बारसोई (मो0 सनाउल्लाह)
कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड अंतर्गत बाहिन नदी पर पुल नहीं बनने से बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से बाहिन घाट पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है।बताया जाता है कि बारसोई अनुमंडल से निकलने वाली सड़क बिघोर हाट होते हुए बाहिन नदी को पार कर पश्चिम बंगाल के रायगंज तक जाती है। रायगंज इस क्षेत्र के लोगों के लिए इलाज, व्यापार, खरीदारी और शादी-विवाह सहित कई आवश्यक कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। वहीं पश्चिम बंगाल के लोग भी अपने कृषि उत्पाद और अन्य सामान लेकर बिघोर हाट तथा बारसोई क्षेत्र में व्यापार के लिए पहुंचते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाहिन नदी पर पुल का निर्माण हो जाता है, तो बिहार और बंगाल के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। व्यापारियों, किसानों, मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी तथा दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।वर्तमान में नदी पार करने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ जाने से नाव से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार नाव से आवागमन के दौरान हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक पुल निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें बार-बार बिहार और पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पुल निर्माण की उम्मीद दिखाई जाती है, लेकिन वर्षों से यह मांग केवल आश्वासन तक ही सीमित है। लोगों का कहना है कि सीमांचल के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। बाहिन नदी पर पुल बनने से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच व्यापार और सामाजिक संपर्क भी मजबूत होगा।स्थानीय लोगों ने बिहार और पश्चिम बंगाल सरकार से बाहिन घाट पर जल्द से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराने की मांग की है।
