पोठिया में टोटो की सीट फाड़ने के आरोप में 13 वर्षीय किशोरी की मौत, मारपीट का आरोप
मो0 काजु (कुर्सेला)
पोठिया थाना क्षेत्र के लोहनी रुचिदेव शिमरिया गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। महज टोटो रिक्शा की सीट फाड़ने के आरोप को लेकर 13 वर्षीय किशोरी कोमल कुमारी की मौत हो जाने से गांव में मातम पसरा हुआ है। मासूम बच्ची की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।मृतका के नाना ढोराय मंडल ने आरोप लगाया है कि टोटो की सीट फटने के मामले को लेकर कोमल को उसके बड़े पापा अखिलेश मंडल ने घर में रोक लिया था। उनका आरोप है कि इसी दौरान बच्ची के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।नाना ने बताया कि सीट के नुकसान की भरपाई के लिए वह दो हजार रुपये देने को तैयार थे। उन्होंने बच्ची को छोड़ देने और सीट की मरम्मत करा लेने की भी बात कही थी। इतना ही नहीं, आसपास के लोगों ने भी मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उनकी बात नहीं सुनी गई।घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और मासूम की मौत पर गहरा आक्रोश जताया। लोगों का कहना है कि एक छोटी सी बात पर किसी बच्ची की जान चली जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।सूचना मिलते ही पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। सदर-2 डीएसपी सुनील कुमार शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिला मुख्यालय से पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद आरोपित पक्ष के कुछ लोग घर छोड़कर चले गए हैं। वहीं एक महिला को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।फिलहाल पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है। बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसके साथ क्या हुआ और घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।मासूम कोमल की असमय मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही सवाल है—क्या एक मामूली विवाद की कीमत एक मासूम की जिंदगी हो सकती है?
