दर्शन साह महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का हुआ आयोजन।
संजय कुमार (कोढ़ा)
पूर्णिया विश्वविद्यालय पूर्णिया की अंगीभूत इकाई दर्शन शाह महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शीर्षक है ‘1857 से पूर्व भारतीय साहित्य की परंपरा’ महाविद्यालय में आयोजित इस सेमिनार के कीनोट स्पीकर के रूप में पोलैंड से फैकल्टी मेंबर ऑफ इंडियन स्टडीज डॉक्टर पियोत्र बोरेक(Dr.PIOTR BOREK) शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया जिसमें सामूहिक रूप से कार्यक्रम के गेस्ट, व कीनोट स्पीकर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर एस.एन यादव प्रोफेसर जगदीश चंद्र प्रोफेसर रमेश सिंह, महाविद्यालय के प्रोफेसर इंचार्ज डॉक्टर संजीव कुमार सिंह अंग्रेजी विभाग के विभागा अध्यक्ष डॉक्टर दास डॉक्टर वीना रानी, डॉ वी के ओझा, डॉ ए के ठाकुर के द्वारा सामूहिक रूप से किया गया।इस कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन के बाद स्वागत संबोधन डॉक्टर सीबीएस दास के द्वारा दिया गया उसके बाद महाविद्यालय के प्रोफेसर सह इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के संयोजक श्री सुमित सिंह के द्वारा सेमिनार की विषय वस्तु को प्रस्तुत किया तथा इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य रूप से तीन टेक्निकल सेशन का आयोजन किया गया जिसमें पच्चीस से अधिक की संख्या में पूरे बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालय में सहित बिहार के बाहर के विश्वविद्यालय से भी आए हुए रिसर्च स्कॉलर एवं फैकल्टी मेंबर्स ने अपना पत्र प्रस्तुत किया जिसमें महाविद्यालय के सभी छात्र छात्राएं पोलैंड से आए कीनोट स्पीकर डॉक्टर पियोत्र बोरेक(Dr.PIOTR BOREK) की स्पीच को काफी ध्यान से सुनते नजर आए। वही इस अंतरराष्ट्रीय दो दिवसीय सेमिनार के आयोजन करने में डॉक्टर शैलेंद्र उपाध्याय डॉ मदन झा डॉक्टर वीना रानी डॉक्टर ओझा डॉ जितेंद्र वर्मा डॉक्टर संजीत गुप्ता श्री लालू कुमार श्री खेतान सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षक तक कर्मचारियों ने अहम भूमिका रही हैं ।
