November 1, 2026

बारसोई में जमीयत उलेमा का अहम कार्यक्रम, मौलाना नाजिम ने कहा मुसीबत में घिरे लोगों का सहारा है जमीयत

Read Time:3 Minute, 55 Second

मो0 सनाउल्लाह ( बारसोई)

बारसोई प्रखंड स्थित दारुल उलूम वक्फ बारसोई में मंगलवार को जमीयत उलेमा कटिहार, मशरिकी जोन नंबर-1 बारसोई की ओर से एक अहम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जमीयत उलेमा हिंद के बिहार प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी हजरत मौलाना मो० नाजिम साहब खासमी बतौर मेहमान-ए-खुसूसी शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना मो० नाजिम साहब ने कहा कि जमीयत उलेमा सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुख, मुसीबत और परेशानी में घिरे बेसहारा लोगों का सहारा है। उन्होंने कहा कि जमीयत बिना किसी भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, अल्पसंख्यक, दलित और समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए काम करती है।उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गलत आरोप में फंसाया जाता है या मदरसा, मकतब, खानकाह अथवा किसी धार्मिक संस्थान के साथ अन्याय होता है, तो जमीयत उलेमा हिंद उनके हक और इंसाफ के लिए आवाज उठाती है। जरूरत पड़ने पर गांव और प्रखंड स्तर से लेकर जिला और न्यायालय तक संघर्ष करने का काम संगठन करता है।मौलाना नाजिम ने उलेमा और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज के गरीब, कमजोर और असहाय लोगों के प्रति हमदर्दी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करना और उनके साथ अच्छे व्यवहार के साथ पेश आना हम सभी की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम में जमीयत उलेमा बिहार के सदर हजरत मौलाना मुफ्ती जावेद इकबाल साहब ने भी संबोधित किया और लोगों को समाज हित में सही दिशा में कार्य करने की अपील की।इसके अलावा हजरत मौलाना अब्दुल लतीफ साहब, दारुल उलूम बीघोर, मौलाना हाशिमुद्दीन साहब, मशरिकी जोन नंबर-1 बारसोई, हजरत मौलाना मुफ्ती मो० सलमान साहब, जमीयत उलेमा सूबा बिहार तथा मौलाना शम्स तबरेज रहमानी साहब, नाजिम तंजीम जमीयत उलेमा सूबा बिहार सहित कई उलेमा और गणमान्य लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम के आयोजन और व्यवस्था में दारुल उलूम वक्फ बारसोई के नाजिम कारी रुफुल्लाह रहमानी साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में हिंदुस्तान के मायानाज़ शायर-ए-इस्लाम एवं शायर-ए-इंकलाब जनाब दिल खैराबादी साहब भी मऊ, उत्तर प्रदेश से विशेष रूप से शामिल हुए।वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनरल सेक्रेटरी बारसोई हजरत मौलाना आजाद साहब कासमी की भी मौजूदगी रही। इसके अलावा कारी निहारूल इस्लाम साहब, हाफिज हिलाल साहब , मौलाना हुसैन साहब, हाफ़िज़ जावेद साहब ,समेत बड़ी संख्या में उलेमा, स्थानीय लोग और जमीयत से जुड़े लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Previous post बलरामपुर में पार्क निर्माण की मांग को लेकर पर्यावरण मंत्री से मिलीं विधायक संगीता देवी
Next post मनसाही प्रखंड के कई पंचायतों में घुसा बाढ़ का पानी, सांसद प्रतिनिधि ने चित्तौड़िया पंचायत पहुंच कर लिया जायजा।
Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial