भारी विरोध के बीच कामाख्या मंदिर मार्ग का नाम बदलने के फैसले से पीछे हटी असम सरकार
आसाम की बीजेपी सरकार ने मशहूर कामाख्या मंदिर मार्ग का नाम बदलने का फैसला वापस ले लिया है । विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का नाम बदलने के अभियान में जुटी असम सरकार को इस मामले में सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश झेलना पड़ा था । हेमंत विश्व शर्मा की सरकार कामाख्या मंदिर में एक नई सड़क का नाम स्वामी मुक्तानंद सरस्वती के नाम पर रखने का निर्णय लिया था। उधर लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति के नाम पर सड़क का नामकरण किया जा रहा है उसका असम या उसके लोगों से कोई संबंध नहीं है । राज्य सरकार ने राज्य के सांस्कृतिक इतिहास को दिखाने के लिए कई सड़कों का नाम बदलने की घोषणा की थी ।
More Stories
मननपुर-कवेया मुख्य सड़क जर्जर, राहगीरों की बढ़ी परेशानी।
डेस्क ( हसनगंज) हसनगंज प्रखंड के मननपुर मोड़ से कवेया गांव होते हुए पूर्णिया जिला को जोड़ने वाली मुख्य सड़क...
बारसोई में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर संकट, पंजीयन कार्यालय में पसरा सन्नाटा
मो0 सनाउल्लाह (बारसोई ) कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड अंतर्गत बारसोई पंजीयन कार्यालय में हाल ही में शुरू हुई पेपरलेस...
बरंडी नदी हादसे के बाद गम में डूबा मोरसंडा, दूसरे दिन भी नहीं जले कई घरों में चूल्हे
मो0 काजु (फलका) सावन की सोमवारी पर बरंडी नदी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद फलका प्रखंड के मोरसंडा गांव...
विधायक संगीता देवी ने डीएम से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा
डेस्क (बारसोई) बारसोई-बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती संगीता देवी ने आज जिला पदाधिकारी सह डीएम आशुतोष त्रिवेदी से...
गवालटोली-कुशीदा मुख्य सड़क बनी जानलेवा, ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़क हो रहे हैं कमजोर।
मो0 सनाउल्लाह (बारसोई) बारसोई प्रखंड अंतर्गत ग्वालटोली से कुशीदा जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों हादसों का पर्याय बनती जा...
अठारह वर्षों से अधर में तेज नारायणपुर भालुका रोड रेल परियोजना,तेज हुई राजनीतिक पहल।
मनिहारी( रतन कुमार ओझा) तेजनारायणपुर से पश्चिम बंगाल के भालुका रोड तक प्रस्तावित करीब 30 किलोमीटर लंबी नई रेल परियोजना...
