उत्क्रमित मध्य विद्यालय भर्री पश्चिम में बाल विवाह मुक्त जागरूकता अभियान आयोजित।
कटिहार (प्रवीण कुमार)
कदवा प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय भर्री पश्चिम में बाल विवाह मुक्त कटिहार जागरूकता अभियान जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन तथा राहत संस्था के संयुक्त तत्वाधान में जागरूकता अभियान चलाई गई। जागरूकता अभियान की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो० शकील अहमद ने किया। जागरूकता अभियान का संचालन संस्था के विधिक सलाहकार प्रवीण कुमार झा ने किया। इस अवसर पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय भर्री पश्चिम के प्रधानाध्यापक मो० शकील अहमद ने कहा कि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह के लिए शिकायत दर्ज कर सकता है। ऐसा व्यक्ति जिसके पास बाल विवाह आयोजन के बारे में विश्वास करने का समुचित कारण हो, ऐसा व्यक्ति जिसके पास बाल विवाह के आयोजन की जानकारी हो, बच्चे के माता-पिता या अभिभावक, बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी,प्रखंड विकास पदाधिकारी या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति होते हैं।शिक्षक, डॉक्टर, एएनएम, आशा,आंगनबाड़ी सेविका, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, समाज के बड़े बुजुर्ग, पड़ोसी आदि विश्वास सूत्रों के आधार पर गैर सरकारी संस्था के द्वारा चुकी बाल विवाह का आयोजन एक संगिनी अपराध है। प्रधानाध्यापक मो० शकील अहमद ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं को बाल विवाह मुक्त कटिहार शपथ दिलाई। प्रधानाध्यापक मो० शकील अहमद ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत धारा 10 के तहत बाल विवाह का आयोजन करने वाला प्रोत्साहित करने वाले व्यक्ति को दंडित किया जा सकता है। धारा 9 तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र का लड़का यदि किसी लड़की से विवाह करता है। बच्चे की देखभाल करने वाला व्यक्ति, कोई अन्य व्यक्ति दोनों पक्ष के माता-पिता या अभिभावक दोनों पक्ष के रिश्तेदार या मित्र, दोनों पक्ष के पड़ोसी जिन्होंने बाल विवाह में भाग लिया हो या योगदान दिया हो। संस्था के विधिक सलाहकार सह सीनियर अधिवक्ता सह निवर्तमान सीडब्ल्यूसी सदस्य प्रवीण कुमार झा ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के धारा 2 (ए) के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़का जो बच्चे के रूप में परिभाषित किया गया है। इसका अर्थ है की लड़कियों के लिए विवाह का न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए विवाह का न्यूनतम सीमा उम्र 21 वर्ष है। यहां यह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में केवल विवाह के लिए कानूनी उम्र तय की गई है। इसमें किसी प्रकार से बच्चे की उम्र को परिभाषित नहीं किया गया है। संस्था के विधिक सलाहकार प्रवीण कुमार झा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौता 1989 के अनुसार बच्चा का अर्थ हर उसे व्यक्ति से है जिसे अब तक 18 वर्ष की आयु अब तक पूर्ण नहीं किया हो। जब तक बाल्यावस्था की आयु सीमा निर्धारण हेतु कोई कानून नया कानून न हो। यद्यपि भारतीय वयस्कता अधिनियम 1875 के अंतर्गत भारत में निवास करने वाला व्यक्ति प्रत्येक व्यक्ति 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर व्यवस्था की आयु प्राप्त करेगा। विद्यालय के शिक्षिक राजेश चौधरी, राकेश कुमार शर्मा,मनीष कुमार सिंह सहित नुरिला देवी,अकेली देवी,सविया मूर्मु, तिलक चनी देवी,फिजना खातून ने भी विस्तार पूर्वक छात्र-छात्राओं को बाल विवाह मुक्त कटिहार के बारे में जानकारी दिया।
