राजद के कार्यकर्ताओं ने किया सत्तू पर चर्चा ।
(डेस्क|हसनगंज)
हसनगंज प्रखंड के ढेरूआ पंचायत स्थित बूथ संख्या 12 एवं 13 में आयोजित सत्तू परिचर्चा पर पूर्व प्रदेश महासचिव समरेंद्र कुणाल ने यह बात कहा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव जी का संघर्ष एवं बिहार में विकास के लिए मास्टर प्लान को देख बीस वर्षों से शासन कर रही भाजपा जदयू सरकार के अंदर घबराहट है जिसका जीवंत उदाहरण जातीय सर्वेक्षण 65 फ़ीसदी आरक्षण 5 लाख बेरोजगारों को रोजगार शहरी विकास क्षेत्र में ड्रेनेज सड़क सौंदर्यकरण पार्क पुल पुलिया के लिए वर्षों से लम्बित फंड को आवंटित किया,स्वास्थ्य विभाग में रात रात भर जग कर छापेमारी कर डॉक्टरों की मनमानी को खत्म किया,सड़कों का निर्माण के लिए संवेदकों को पांच वर्षों तक मेंटेनेंस करने का फार्मूला लाया जैसे कामों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उनके टीम में घबराहट थी अपना कद गिरता देख नीतीश कुमार जी पलटी मार दिए।श्री कुणाल ने कहा कि तेजस्वी यादव जी बिहार में माई-बहन मान योजना के अंतर्गत राज्य के तमाम महिलाओं को ढाई हजार रुपया इसके अलावे सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत वृद्ध विधवा विकलांग लोगों के लिए 1500 रु पेंशन देने की घोषणा की है दस लाख लोगों को सरकार बनने के बाद नौकरी देने का घोषणा राज्य के तमाम जिलों में कृषि पर आधारित औद्योगिक कल कारखाना राज्य में गरीब असहाय के लिए घर बनाने के लिए पैसा देने की बात गैस सिलेंडर 1200 रु से घटाकर कम करने की घोषणा कर भाजपा जदयू सरकार की नींद हराम हो गई है ।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं भाजपा 20 वर्षों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन मात्र 400 रु तक ही रखा तेजस्वी जी द्वारा 1500 रु करने की घोषणा के बाद सरकार घबराहट में टेंशन में 1100 रु पेंशन लागू की है यह घटना बिहार के लोगों के संज्ञान में हैं उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। इस अवसर पर निवर्तमान प्रखण्ड अध्यक्ष श्रीलाल उरांव ने बताया कि दो सप्ताह के अंदर कटिहार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हसनगंज प्रखंड के सभी बूथों पर सत्तू परिचर्चा का कार्यक्रम पूरा कर लिया जाएगा।उन्होंने बताया कि बूथों पर आयोजित राजद का सत्तू परिचर्चा में सैकड़ों लोगों शामिल हो रहे हैं।इस अवसर पंचायत अध्यक्ष मो कलाम ने संचालन किया। कार्यक्रम में राजद नेता बिनोद यादव मो सिराजुल मो मुनिर आलम मून प्रीतम सिंह चंद्रवंशी मो सज्जाद मो तैमूर लक्ष्मण उरांव संजय मंडल सहित सैकड़ों लोग शामिल थें।
